एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में सहायता के उद्देश्य से एक नई वित्तपोषण सुविधा शुरू की है। यह पहल एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों को स्वच्छ ऊर्जा, बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी में लाभ पहुंचाएगी।
महत्वपूर्ण खनिज-से-विनिर्माण वित्तपोषण साझेदारी सुविधा नामक इस सुविधा का उद्देश्य क्षेत्र को कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता से प्रसंस्करण, विनिर्माण और पुनर्चक्रण जैसे उच्च-मूल्य वाले उद्योगों के केंद्र में बदलना है।
बैंक के अनुसार, यह पहल महत्वपूर्ण खनिजों की मूल्य श्रृंखलाओं में परियोजना तैयारी, नीतिगत सुधार और सार्वजनिक निवेश तथा निजी वित्तपोषण को बढावा देगी। यह कार्यक्रम विकासशील सदस्य देशों को उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में आगे बढ़ने में सहायता के लिए शुरू किया गया है।
एशियाई विकास बैंक के अध्यक्ष मासातो कांडा ने एक बयान में कहा है कि महत्वपूर्ण खनिज अगले औद्योगिक युग को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को खनिज पदार्थों से उपलब्ध होने वाले रोजगार, प्रौद्योगिकी और मूल्य का लाभ उठाना चाहिए।
वित्तपोषण संरचना के दो मुख्य हिस्से हैं, जिसमें अनुदान और दूसरा उत्प्रेरक वित्त पर केंद्रित है। जापान ने इस योजना के लिए दो करोड अमरीकी डॉलर और ब्रिटेन ने 1 करोड 60 लाख डॉलर देने की सहमति दी है।
यह पहल क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने के लिए बैंक की 2025 रणनीति पर आधारित है। एशियाई विकास बैंक ने कहा कि वह पहले से ही भारत में बैटरी निर्माण और पुनर्चक्रण, मंगोलिया में भूवैज्ञानिक डेटा मानचित्रण तथा उज्बेकिस्तान में एआई-संचालित महत्वपूर्ण धातु उत्पादन और चक्रीय अर्थव्यवस्था में सहयोग कर रहा है।
बैंक ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करना और साथ ही पूरे क्षेत्र में समावेशी आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।