तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि कंपनियों द्वारा सामाजिक विकास में किए गए योगदान को केवल राज्य के विकास या जनता के कल्याण के लिए किए गए व्यय के रूप में नहीं, बल्कि साझेदारों के चंदे के रूप में माना जाना चाहिए।
हैदराबाद में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सी.एस.आर) फंड पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनियों द्वारा सी.एस.आर पहलों के अंर्तगत किया गया खर्च शत प्रतिशत सकारात्मक परिणाम देने वाला होना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने यह भी सुझाव दिया कि कंपनियां सी.एस.आर फंड का उपयोग करने के लिए क्षेत्रों का चयन स्वयं करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार और कंपनियां मिलकर धन खर्च करें तो छात्रों में अवसरों की दुनिया को जीतने के लिए आवश्यक कौशल विकसित होंगे।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य की 44% छात्र आबादी अकेले हैदराबाद शहर में रहती है और उन्होंने कहा कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी हम सभी पर है।
मुख्यमंत्री ने रहेजा ग्रुप, रामकी ग्रुप और यशोदा फाउंडेशन की सराहना की, जिन्होंने शिक्षा क्षेत्र के विकास में क्रमशः 50 करोड़ रुपये, 50 करोड़ रुपये और 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की पहल की प्रशंसा की और स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विरासत संरचनाओं के संरक्षण में सीएसआर निधि प्रदान करने की अपनी तत्परता व्यक्त की।