विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमरीका व्यापार वार्ता अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आज नई दिल्ली में ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में उन्होंने कहा कि भारत, अमरीका के साथ बातचीत में अपनी सीमाओं को लेकर स्पष्ट है और सदैव राष्ट्रीय हित में निर्णय लेगा। तेल आयात और प्रतिबंधों पर श्री जयशंकर ने कहा कि इसे एक तेल से संबंधित मामले के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। लेकिन यह अभी भी सबसे बड़े आयातक चीन पर लागू नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए तर्क चीन पर लागू नहीं किये गये। उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर ज़ोर देते हुए कहा कि सरकार के सभी निर्णय राष्ट्रीय हित में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आत्मनिर्भरता पर विशेष ज़ोर दे रही है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि हाल के अनुभवों ने हमें सिखाया है कि किसी एक बाज़ार पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ उद्भव से लेकर उत्पादन तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें बाजार भा शामिल है।
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि 1970 के दशक से मध्यस्थता के मुद्दे पर राष्ट्रीय सहमति है कि भारत किसी की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा।