जनवरी 3, 2025 3:55 अपराह्न

views 37

वैश्विक अनुशासन वेदांत दर्शन को अपना रहे हैं जो देश का प्राचीन ज्ञान है: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वैश्विक अनुशासन वेदांत दर्शन को अपना रहे हैं जो देश का प्राचीन ज्ञान है। उन्होंने कहा, वेदांत एक दर्शन से कहीं आगे है। उपराष्ट्रपति ने आज नई दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में वेदांत की 27वीं अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस के उद्घाटन की अध्यक्षता की। इस अवसर पर श्री धनखड़ ने कहा, वेदांत वेदों का सार या निष्कर्ष है, जो देश की कालातीत निधि हैं।    

अक्टूबर 7, 2024 8:56 अपराह्न

views 33

उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड ने आज मालदीव  के राष्‍ट्रपति डॉ. मोहम्‍मद मुइज्‍जू के साथ एक बैठक की

        उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड ने आज मालदीव  के राष्‍ट्रपति डॉ. मोहम्‍मद मुइज्‍जू के साथ एक बैठक की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने माना कि आज स्‍वीकार किया गया दृष्टिकोण पत्र दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के लिए एक प्रारूप का काम करेगा। यह दोनों देशों की समग्र भागीदारी को परिवर्तित करेगा और भविष्‍य के लिए लाभकारी होगा।

अक्टूबर 6, 2024 9:10 अपराह्न

views 34

उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि पूर्व सांसद और विद्वान डॉ. कर्ण सिंह का योगदान बहुत व्‍यापक और सराहनीय है

उपराष्‍ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि पूर्व सांसद और विद्वान डॉ. कर्ण सिंह का योगदान बहुत व्‍यापक और सराहनीय है। उन्‍होंने कहा कि जब भारत के पूर्व राजाओं और देश की एकता मजबूत करने में उनकी भूमिका का इतिहास लिखा जाएगा तो डॉ. सिंह का बहुत सम्‍माननीय स्‍थान होगा। उपराष्‍ट्रपति डॉ. सिंह के सार्वजनिक जीवन के 75 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्‍य में एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री धनखड़ ने कहा कि डॉ. सिंह की सरलता, मानवता और गर्मजोशी की सभी प्रशंसा करते हैं। हमेशा अच्‍छा करने और समाज तथा राष्‍ट्र की स...

अगस्त 7, 2024 3:05 अपराह्न

views 28

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा-  भारत दो वर्षों में  बन जाएगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज कहा कि भारत दो वर्षों में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्‍होंने कहा कि देश अभी विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था है। नई दिल्‍ली में आज 10वें अंतर्राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र प्रगति कर रहा है। यह प्रगति अजेय है। आर्थिक राष्ट्रवाद को लेकर श्री धनखड़ ने कहा कि यह देश की आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक है। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक राष्ट्रवाद विदेशी मुद्रा को बचाने और रोजगार सृजित करने तथा देश में उद्यमशीलता के अवसर पैद...