मई 11, 2026 6:03 अपराह्न

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सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु ट्रांसफार्मर घोटाले की सीबीआई जांच पर रोक से इनकार किया

सर्वोच्च न्यायालय ने आज मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें तमिलनाडु में पूर्व विद्युत मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के कार्यकाल के दौरान ट्रांसफार्मरों की खरीद में कथित 397 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच को सी.बी.आई. को सौंपने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने 45 हजार वितरण ट्रांसफार्मरों की खरीद में कथित अनियमितताओं की सी.बी.आई. जांच के उच्च न्यायालय के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया।

सुनवाई के दौरान, तमिलनाडु बिजली वितरण विभाग के एक अधिकारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय के समक्ष सी.बी.आई. जांच की मांग करने वाली कोई विशिष्ट याचिका नहीं थी। उन्होंने कार्यवाही को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यदि परिस्थितियां आवश्यक हों तो न्यायालय ऐसी जांच का आदेश देने के लिए सशक्त हैं। याचिका खारिज करते हुए, सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने कहा कि जांच उच्च न्यायालय द्वारा की गई किसी भी टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र रूप से आगे बढ़नी चाहिए।

29 अप्रैल को मद्रास उच्च न्यायालय ने सी.बी.आई. को कथित अनियमितताओं की नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया था और सतर्कता तथा भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय को दो सप्ताह के भीतर सभी संबंधित दस्तावेजों को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया था।

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