सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके सहयोगी संजीव को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
ये दोनों ग्रामीण विकास विभाग के निविदाओं में कथित कमीशन लेने और धन-शोधन के आरोप में मई 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि प्रमुख गवाहों के बयान चार सप्ताह के भीतर दर्ज किए जाएं।
न्यायालय ने यह भी कहा कि गवाहों की जांच पूरी होने के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी और फिलहाल जमानत याचिका खारिज कर दी।