श्रावणी मेला अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है और आज आखिरी सोमवारी को भक्तों की भारी भीड़ बाबा शिवालयों में उमड़ पड़ी है। दुमका के बैद्यनाथ धाम में प्रातः तीन बजे सरकारी पूजा के बाद आम भक्तों के लिए मंदिर का पट खोला गया । सुरक्षा, स्वास्थ्य और सेवा शिविरों की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है, प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन पूरी सजगता से कार्य में जुटे हैं। तीर्थ पुरोहित दयानंद पंडा ने कहा कि बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण किसी को परेशानी नहीं हुई।
वहीं मजिस्ट्रेट प्रणय प्रियंवद ने कहा कि में मेले में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं। इधर सावन की अंतिम सोमवारी पर कोडरमा में झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक हजारों शिवभक्तों ने भव्य कांवर पदयात्रा में भाग लिया और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
यह आयोजन श्री राम संकीर्तन मंडल द्वारा लगातार 26 वर्षों से कराया जा रहा है। एक शिवभक्त ने कहा कि 777 सीढ़ियां चढ़ते हुए ध्वजाधारी पहाड़ पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामना पूरी होती है।
सावन की अंतिम सोमवारी पर खूंटी स्थित बाबा आमरेश्वर धाम में सांसद कालीचरण मुंडा सहित कई लोग भी दर्शन के लिए पहुंचे।
उधर साहिबगंज में तालझारी के मोतीझरना मोतीनाथ और बरहेट के शिवगादी मिनी बाबाधाम में भी श्रावण मास की चतुर्थ सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जलार्पण की व्यवस्था में पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और समिति सदस्य पूरी मुस्तैदी से लगे हुए हैं।