खाड़ी सहयोग परिषद- जी.सी.सी. के महासचिव जसीम अलबुदैवी ने 28 फरवरी से सदस्य देशों और जॉर्डन में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को ईरान द्वारा निशाना बनाकर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जी.सी.सी. महासचिव द्वारा दिए गए पहले वक्तव्य में, श्री अलबुदैवी ने कहा कि इन हमलों में नागरिकों और हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों, बंदरगाहों और आवासीय क्षेत्रों सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाया गया है।
उन्होंने हमलों की निंदा करने वाले सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव-2817 को अपनाने का स्वागत किया और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इसके पूर्ण कार्यान्वयन का आह्वान किया।
जीसीसी प्रमुख ने दोहराया कि खाड़ी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद और कूटनीति संकट के समाधान का सर्वोत्तम मार्ग है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब बहरीन अप्रैल महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, जिसकी उद्घाटन बैठक में संयुक्त राष्ट्र और जी.सी.सी. के बीच सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद की रोकथाम और मुकाबला करने तथा खाद्य और जल सुरक्षा जैसे साझा चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया है।
यह सहयोग ईरान के साथ चल रहे इस्राएल-संयुक्त राज्य अमरीका के युद्ध से प्रभावित क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
अप्रैल माह के लिए परिषद के अध्यक्ष के रूप में बहरीन के प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत एक सहमतिपूर्ण अध्यक्षीय वक्तव्य में, सुरक्षा परिषद ने क्षेत्रीय स्थायी शांति और सुरक्षा को समझने तथा बढ़ावा देने में खाड़ी सहयोग परिषद की स्थिति और विशेषज्ञता को मान्यता दी।