विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि आनुवंशिक और दुर्लभ रोगों से निपटने में शीघ्र निदान और किफायती उपचार प्रमुख चुनौतियां हैं। डॉ. सिंह हैदराबाद में राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र, कौशल विकास और स्वास्थ्य अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी में आणविक प्रगति तक पहुंच -समर्थ की आधारशिला रखने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि समर्थ केंद्र फोरेंसिक डीएनए प्रोफाइलिंग में प्रमुख कौशल कमियों को दूर करेगा। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि इस तरह के प्रयास स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को व्यक्तिगत उपचार के लिए तैयार करने में सहायक होंगे। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि भारत अब स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के भविष्योन्मुखी चरण में प्रवेश कर चुका है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्र में iDeaNA – BRIC-CDFD प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटर का भी उद्घाटन किया।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित समर्थ केंद्र उद्योग के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने और स्वदेशी निदान प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन और आउटरीच कार्यक्रम प्रदान करेगा। iDeaNA- BRIC-CDFD टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर जीवन विज्ञान और संबंधित विषयों में प्रारंभिक चरण के नवाचारों और डीप-टेक स्टार्टअप्स को गति प्रदान करेगा।