सर्वोच्च न्यायालय ने आज पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग को राज्य में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर में न्यायिक अधिकारियों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति आर महादेवन और जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में तैनात न्यायिक अधिकारियों ने अब तक मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में दायर 10 लाख 16 हजार आपत्तियों और दावों पर सुनवाई की है। पीठ ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों की समीक्षा आयोग के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा अपीलों में नहीं की जा सकती।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अपीलों पर सुनवाई के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीशों और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की एक पीठ गठित कर सकते हैं। न्यायालय ने आयोग को एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों पर सुनवाई के लिए एक अपीलीय निकाय गठित करने हेतु अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया। सर्वोच्च न्यायालय राज्य में एसआईआर अभ्यास से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
News On AIR | मार्च 10, 2026 4:45 अपराह्न | Judicial Officers in SIR
सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया में न्यायिक अधिकारियों को पूर्ण सहायता देने का निर्देश दिया