भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की शुरुआत अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेतों के साथ हुई है। आर.बी.आई के मासिक बुलेटिन के अनुसार, कृषि-परिदृश्य में सुधार और गांवों में खर्च बढने से मांग की स्थिति बेहतर हुई है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय सर्वेक्षण के आधार पर बुलेटिन में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ रहा है और ग्रामीण-शहरी विभाजन कम हो रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी-मनरेगा जैसी योजनाओं के कारण बढ़ी हुई मजदूरी दर और शहरी प्रवास – ग्रामीण परिवारों के खर्च करने की बढ़ी हुई क्षमता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन, चिकित्सा और उपभोक्ता सेवाओं पर होने वाला व्यय अनाज पर होने वाले खर्च से अधिक हो गया है। इस आशाजनक रुझान से ग्रामीण भारत और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर कम हो रहा है।