कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में मनरेगा सहित कई योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कल भोपाल में एक संवाददाता सम्मेलन में श्री चौहान ने आरोप लगाया कि वित्तीय धोखाधड़ी के लगभग दस हजार 653 मामले सामने आए हैं, लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के अंतर्गत जिन गतिविधियों की अनुमति नहीं मिली वहां अनियमित व्यय किया गया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों ने शिकायत की है कि उन्हें उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
श्री सिंह ने दावा किया कि पंजाब की 13 हजार 304 पंचायतों में से केवल 5 हजार 915 पंचायतों का ही ऑडिट किया गया।