राज्यसभा में आज विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2026 पर चर्चा हुई। इस विधेयक के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ राशि के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करने का प्रावधान किया गया है। चर्चा के बाद विधेयक को लोकसभा को वापस भेज दिया जाएगा। लोकसभा ने पिछले सप्ताह इस विधेयक को पारित कर दिया था।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि देश रोजगार सृजन, महंगाई पर नियंत्रण, कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर राशि का उपयोग पारदर्शिता से किया जाए तो यह विधेयक इन चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा। श्री डांगी ने कहा कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
भारतीय जनता पार्टी के मदन राठौर ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि देश के लोगों को आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर अफवाहें फैलाने के लिए विपक्ष की आलोचना की। श्री राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी 2014-15 में 106 लाख करोड़ रुपये से 2024-25 में तीन गुना बढ़कर 331 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले ने कहा कि 2025-26 के संशोधित बजट में सरकार ने अपने ही बजट अनुमान में 10 लाख करोड़ रुपये की कटौती की है। उन्होंने कहा कि संशोधित अनुमान में जल जीवन मिशन में 69 प्रतिशत और श्रम एवं रोजगार में 61 प्रतिशत की कटौती की गई है। श्री गोखले ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि सरकार के राजस्व का 40 प्रतिशत ब्याज भुगतान और ऋण चुकाने में खर्च हो जाता है।
वाईएसआरसीपी के वाई वी सुब्बा रेड्डी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि इन आवंटनों का जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम मिले और यह वांछित लाभार्थियों तक पहुंचें। श्री रेड्डी ने शिक्षा और कौशल विकास प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकार की सराहना की।
डीएमके के एस कल्याणसुंदरम, बीजेडी के सुभाशीष खुंटिया, आरजेडी के संजय यादव, एआईएडीएमके के एम थंबीदुरई, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन, एनसीपी (शरद पवार गुट) की फौजिया खान और मनोनीत सदस्य हर्ष वर्धन श्रृंगला सहित अन्य सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। चर्चा कल भी जारी रहेगी।
चर्चा के बाद, राज्य सभा में विशेष उल्लेख सत्र हुआ, जिसमें सदस्यों ने अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाये। बाद में राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित हो गई।