रेल मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अश्विनी वैष्णव ने आज आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कई रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार से सहयोग की कमी के कारण देरी हो रही है। इनमें विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण से जुड़ी परियोजनाएं शामिल है।
श्रीरामपुर के महेश में ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि राज्य में रेल परियोजनाओं के लिए ज़रूरी भूमि का केवल 27 प्रतिशत ही अधिग्रहित किया गया है, जबकि 73 प्रतिशत अभी भी लंबित है। उन्होंने दावा किया कि इस कारण कई ज़रूरी रेल परियोजनाओं पर काम नहीं हो रहा है। उन्होंने हुगली जिले में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा का शुभारंभ भी किया।
रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में रेल के विकास के लिए 14 हजार 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अतिरिक्त राज्य के लिए 93 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण में राज्य सरकार से मदद नहीं मिलने के कारण रूकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार राज्य में रेल की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही है।
बाद में, भद्रेश्वर के एंगस जूट मिल ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए श्री वैष्णव ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में बंगाली पहचान खतरे में है। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर अवैध घुसपैठ राज्य की जनसांख्यिकी को बदल रही है। रेल मंत्री ने घोषणा की कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत श्रीरामपुर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम अगले सप्ताह शुरू होगा। इस परियोजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों में यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।