रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज महाराष्ट्र के पालघर में मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की दूसरी पर्वतीय सुरंग के सफल निर्माण की घोषणा की। यह देश के महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर श्री वैष्णव ने बताया कि पालघर में दूसरी पर्वतीय सुरंग का निर्माण कार्य एक महीने के भीतर पूरा हो गया है, इसका पहला चरण इसी वर्ष 2 जनवरी को पूरा हुआ था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में 334 किलोमीटर लंबे पुल और 417 किलोमीटर लंबे घाट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने तेजी से काम करने के लिए टीम की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना को देख रही है।
रेल मंत्री ने केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की भी प्रशंसा की। श्री वैष्णव ने कहा कि दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर 3 घंटे 50 मिनट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वोत्तर से आने वाले यातायात को सुगम बनाएगा और यात्रा का समय घटकर 2 घंटे 55 मिनट हो जाएगा। श्री वैष्णव ने बताया कि पुणे से हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर 1 घंटे 55 मिनट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु कॉरिडोर से यात्रा का समय घटकर 1 घंटे 13 मिनट हो जाएगा, जबकि चेन्नई-हैदराबाद कॉरिडोर से यात्रा का समय घटकर 2 घंटे 55 मिनट हो जाएगा।
बजट में प्रस्तावित पश्चिम बंगाल के डानकुनी और गुजरात के सूरत के बीच नए माल ढुलाई गलियारे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र के वाधवान बंदरगाह को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित राज्य के भीतरी इलाकों से जोड़ेगा। श्री वैष्णव ने कहा कि यह पूर्व-पश्चिम गलियारा ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा।