संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश की महिलाओं से किए गए वायदे, टालने की राजनीति नहीं बन सकते। श्री रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आज जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने का समय आ गया है, तो कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। श्री रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा है, जिसमें रिकॉर्ड में दर्ज तथ्यों और तत्काल आगे बढ़ने की अनिवार्यता का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण केवल वायदा बना रहा और इस सरकार ने इसे वास्तविकता में बदला। वर्ष 2029 से पहले देश की नारी शक्ति को समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए परिसीमन से संबंधित संशोधन आवश्यक है, इसे और आगे अनिश्चितता में धकेला नहीं जा सकता।
श्री रिजिजू ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी दलों के नेताओं से सम्पर्क किया है या उन्हें इस बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि संवाद हो चुका है, लेकिन इसे कार्य में बदला जाना जरूरी है। प्रक्रिया के नाम पर किसी भी प्रकार की देरी, लाखों महिलाओं को न्याय दिलाने में विलम्ब मानी जाएगी।