सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्तता की दिशा में प्रगति कर रहा है जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा गया। वे आज बेंगलुरु में रण संवाद त्रि-सेवा मंच के अंतर्गत बहु-क्षेत्रीय अभियानों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ही क्षेत्र एकीकरण और विलय की ओर बढ़ रही हैं। साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष अनुप्रयोग और सूचना अभियान एक ही थिएटर कमांड का हिस्सा होंगे।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी द्वारा संबोधित एक सत्र में बहुआयामी अभियानों को साकार करने की दिशा में एक प्रस्ताव रखा गया। नौसेना प्रमुख ने बताया कि उनके युद्धपोतों का बेड़ा एकीकृत तरीके से कार्य करेगा। इसमें कम लागत और उच्च स्तरीय समाधानों का इष्टतम मिश्रण शामिल है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्बाध संपर्क स्थापित होंगे।
उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध में गतिज और गैर-गतिज रक्षा क्षमताओं के साथ-साथ लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता का एकीकरण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वे नौसेना के मानवरहित प्रणालियों के दृष्टिकोण के अनुरूप अप्रमाणित और स्वायत्त समाधानों के साथ बेड़े की क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों सेवाओं में पारंपरिक, साइबर, क्वांटम प्रौद्योगिकियों, रोबोटिक्स, एआई और सूचना प्रसार को एकीकृत करने से त्वरित निर्णय लेने और समन्वित भागीदारी संभव हो सकेगी। रण संवाद का यह दूसरा संस्करण युद्ध के उभरते प्रतिमानों पर निरंतर और संरचित संवाद की शुरुआत का प्रतीक है। इसका विषय है बहु-क्षेत्रीय संचालन: पारंपरिक और अनियमित खतरों से निपटने की अनिवार्यता।
News On AIR | अप्रैल 9, 2026 9:09 अपराह्न | Army Chief General Upendra Dwivedi
भारत की तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता की दिशा में प्रगति: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी