जुलाई 1, 2025 7:35 पूर्वाह्न

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निजी निवेश पूंजी जुटाने, उत्‍पादकता और नवाचार बढ़ाने तथा तकनीकी कार्यकुशलता लागू करने की उत्‍प्रेरक शक्ति है: वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन

केन्‍द्रीय वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि निजी निवेश पूंजी जुटाने, उत्‍पादकता और नवाचार बढ़ाने तथा तकनीकी कार्यकुशलता लागू करने की उत्‍प्रेरक शक्ति है। उन्‍होंने कहा कि समावेशी और सतत आर्थिक विकास के लिए ये सक्षमता आवश्‍यक हैं। कल स्‍पेन के सेविल में संयुक्‍त राष्‍ट्र द्वारा आयोजित चौथे अंतर्राष्‍ट्रीय विकास वित्‍त सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में उतार चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के दौर में निजी निवेश विकास के महत्‍वपूर्ण वित्‍तीय स्रोत के रूप में उभरा है। उन्‍होंने कहा कि निजी पूंजी के प्रभावी संचलन के लिए बहु आयामी रणनीति जरूरी है, जिसमें सशक्‍त अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग और मजबूत घरेलू सुधारों का तालमेल हो।

 

वित्‍तमंत्री ने सात रणनीतिक क्षेत्रों का उल्‍लेख किया जिसमें बदलाव आवश्‍यक हैं। उन्‍होंने कहा कि इनमें मजबूत घरेलू वित्‍त बाज़ार, संस्‍थागत सुधारों से जोखिमों का समाधान तथा निवेश अवसर और मिश्रित वित्‍त उपलब्‍धता बढ़ाना शामिल है। उन्‍होंने कहा कि मजबूत घरेलू वित्‍तीय बाजार निवेश के आधार स्रोत हैं। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि भारत ने बुनियादी ढांचा और उद्योगों के वित्‍त पोषण के लिए अपनी बैंकिंग प्रणाली और पूंजी बाजारों को सशक्‍त बनाने के प्रयास किये हैं। उन्‍होंने कहा कि देश की नियामक संरचना बाजार की जरूरतों के अनुरूप तय की गई है, जिससे दीर्घावधि अनुकूल निवेश माहौल के लिए आवश्यक संरक्षण और नवाचारों में संतुलन कायम किया जा सके।