प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को नई दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में पवित्र पिपरहवा अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। 19वीं शताब्दी में खोजे गए पिपरहवा अवशेषों को गौतम बुद्ध से संबंधित माना जाता है, जिन्हें शाक्य वंश द्वारा प्रतिष्ठित किया गया था। इनकी स्वदेश वापसी और सार्वजनिक प्रदर्शन देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा और बुद्ध की शिक्षाओं में निहित शांति, करुणा और ज्ञान के सार्वभौमिक मूल्यों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन देश के सांस्कृतिक और कूटनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि इनमें ऐतिहासिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के पवित्र अवशेष शामिल हैं। विश्व के बौद्ध समुदाय इन अवशेषों को विशेष सम्मान देते हैं। संस्कृति मंत्रालय की ‘कमल प्रकाश: आध्यात्मिक रूप से जागृत व्यक्ति के अवशेष’ शीर्षक से आयोजित इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक प्रदर्शनी में पवित्र पिपरहवा अवशेषों के साथ संबंधित महत्वपूर्ण प्राचीन वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा।