प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे न केवल पिछड़े जिलों में फसल-उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि हमारे लिए खाद्य उपलब्ध कराने वालों की आय में भी बढोत्तरी होगी।
यह योजना नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम से प्रेरित है और यह अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है जो विशेष रूप से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर केंद्रित है।
सरकार के बयान में कहा गया है कि इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण को बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना और दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाना है।
वर्ष 2025-26 के बजट प्रस्तावों में ”प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” के अंतर्गत सौ जिलों के विकास के लिए इस कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इस योजना को 11 विभागों में 36 वर्तमान योजनाओं के माध्यम से अन्य राज्य योजनाओं और निजी क्षेत्र के साथ स्थानीय सहभागिता के साथ लागू किया जाएगा।
एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों या सहायक कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए एनटीपीसी लिमिटेड को अधिक शक्ति दिये जाने को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के फैसले पर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कदम से अक्षय ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के भारत के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से निर्माण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव स्तर के दौरान स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।