प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सांसदों के लिए नवनिर्मित 184 टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी भारत अपनी जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशील है और विकास के लिए आकांक्षी है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद अब तक सांसदों के लिए लगभग 350 नए फ्लैटों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि सांसदों के आवासों की कमी के बावजूद 2004 से 2014 के बीच लोकसभा सांसदों के लिए एक भी नया आवास निर्मित नहीं किया गया था। श्री मोदी ने कहा कि विभिन्न राज्यों के सांसद इन आवासों में एक साथ रहते हैं। यह एक भारत-श्रेष्ठ भारत के दृष्टिकोण का परिचायक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चार टॉवरों का नाम देश की महान नदियों के नाम पर दिया गया है। करोड़ों लोगों की जीवनदायिनी ये चार नदियां कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली हैं। उन्होंने कहा कि नदियों के नामकरण की परंपरा राष्ट्र को एकता के एक सूत्र में बांधती है। श्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि सभी सांसद एक टीम के रूप में एक साथ कार्य करेंगे। समेकित प्रयास राष्ट्र के लिए आदर्श बनेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि इस बहुमंजिला भवन में 180 से अधिक सांसद एक साथ रह सकेंगे। इन नए आवासों का एक महत्वपूर्ण आर्थिक पहलू भी है। हाल ही में कर्तव्य भवन के उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा था कि किराए के भवनों से संचालित कई मंत्रालयों ने वार्षिक किराए के तौर पर लगभग एक हजार 500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसदों के लिए पर्याप्त आवास की कमी सरकारी खर्च में वृद्धि का कारण भी है। श्री मोदी ने इन फ्लैटों के निर्माण में शामिल सभी इंजीनियरों और श्रमिकों की भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि इनके कठिन परिश्रम से यह परियोजना संभव हो सकी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनदेखी के कारण पुराने आवासों को प्राय: नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपने पुराने आवासों की खराब स्थिति के कारण बार-बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। श्री मोदी ने कहा कि जब सांसद अपने व्यक्तिगत आवासीय मुद्दे से मुक्त होंगे, तो वे अपना समय और ऊर्जा सार्वजनिक चिंताओं का समाधान करने में प्रभावशाली तरीके से समर्पित कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने आवासीय परिसर में सौर आधारित अवसंरचना के समावेशन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सतत विकास के दृष्टिकोण पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह सौर ऊर्जा में इसकी उपलब्धियों और नए रिकॉर्ड में झलकता है।
आवासीय परिसर सांसदों की कार्यात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं की पूरी श्रृंखला से सुसज्जित है। इसमें पर्यावरण की दृष्टि से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान करने वाली टिकाऊ विशेषताए शामिल हैं। समावेशी डिज़ाइन की प्रतिबद्धता वाला यह परिसर दिव्यांगजनों के लिए भी अनुकूल है। प्रत्येक आवासीय इकाई लगभग पांच हज़ार वर्ग फुट क्षेत्रफल प्रदान करती है, जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करती है। सांसदों को जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में सहायता प्रदान करने के लिए कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्र शामिल किए गए हैं। परिसर के भीतर सभी इमारतों का निर्माण आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानदंडों के अनुसार भूकंपरोधी बनाया गया है। सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और मज़बूत सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है।