प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी आधारित बहुआयामी मंच- प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान श्री मोदी ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की पांच महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं पांच राज्यों से जुड़ी हैं और इनकी कुल लागत 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में, प्रगति के नेतृत्व वाले पारिस्थितिकी तंत्र ने 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति प्रदान करने में मदद की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को मुख्य सचिव स्तर पर विशेष रूप से सामाजिक क्षेत्र के लिए प्रगति जैसी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित में काफी समय से लंबित परियोजनाओं को पूरा किया गया है। पीएम श्री योजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम श्री योजना को समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सभी मुख्य सचिवों से पीएम श्री योजना की बारीकी से निगरानी करने को कहा। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि पीएम श्री स्कूलों को राज्य सरकार के अन्य स्कूलों के लिए एक मानक बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पीएम श्री स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर दौरा करना चाहिए।