प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के अवसर पर गांधीनगर के कोबा में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। यह संग्रहालय जैन इतिहास और सम्राट संप्रति के जीवन, उनके शासन और अहिंसा के संदेश को समर्पित है। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोबा तीर्थ में मूल्यों का संरक्षण, सांस्कृतिक लोकाचार का सशक्तिकरण और ज्ञान का संवर्धन होता है। उन्होंने इसे तीन धाराओं – अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और आत्म-अनुशासन – का संगम बताया। श्री मोदी ने कहा कि यह भारतीय सभ्यता की आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस पवित्र संगम के प्रवाह को बनाए रखना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा पांडुलिपियों की उपेक्षा करने की गलती को उनकी सरकार सुधार रही है। विश्व की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस संग्रहालय का संदेश पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री सानंद में आज बाद में केयन्स सेमीकंडक्टर ओएसएटी संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और नवगठित वाव-थराड जिले में 19 हजार आठ सौ करोड़ से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री शाम को असम के लिए रवाना होंगे।