देश आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व करते हुए दिल्ली के प्रतिष्ठित लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के वीर सैनिकों को सलामी दी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर देश के सशस्त्र बलों के शौर्य और सटीक हमलों का शक्तिशाली प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों को रणनीति बनाने, लक्ष्य निर्धारित करने और उचित समय पर निर्णय लेने की खुली छूट दी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वीर सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना के परे करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में दुश्मनों के क्षेत्र में सैकडों किलोमीटर अंदर घुस कर हमला किया और आतंकी ठिकानों का ध्वस्त किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों के क्रूर हमलों से प्रत्येक भारतीय गुस्से में था। ऑपरेशन सिंदूर देशवासियों के गुस्से की अभिव्यक्ति है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने निर्णय लिया है कि खून और पानी एक साथ नही बहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता अब मान चुकी है कि सिंधु जल संधि अनुचित है। उन्होंने कहा कि भारत अब परमाणु ब्लैकमेल नही सहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुश्मनों की किसी भी नापाक कोशिश को नाकाम करने के लिए शक्तिशाली शस्त्र प्रणाली मिशन सुदर्शन चक्र की शुरूआत करेगा।
श्री मोदी ने कहा कि अगले दस वर्षो में 2035 तक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच का विस्तार, सशक्तिकरण और आधुनिकीकरण किया जाएगा। उन्होंने इस मिशन को श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र से जोडा। उन्होंने आधुनिक रक्षा नवाचारों का मार्गदर्शन करने के लिए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से भारत के प्रेरणा लेने का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत के लिए प्रमुख आधारभूत स्तंभों में से एक बताया। उन्होंने रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, अंतरिक्ष और विनिर्माण के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के प्रदर्शन के रूप में ऑपरेशन सिंदूर की प्रशंसा की।
श्री मोदी ने निर्णायक और स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने में भारत की क्षमता और भारत में निर्मित हथियारों सहित स्वदेशी क्षमताओं पर बल दिया। यह इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रीय सुरक्षा विदेशी निर्भरता पर आश्रित नही रह सकती है। श्री मोदी ने कहा कि वे किसानों और मछुआरों के हितो की रक्षा के लिए एक दीवार की तरह खडे रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपने हितों से समझौता नही करेगा।
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के लिए लगभग एक लाख करोड़ रूपये की मंजूरी के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लाने की घोषणा की। इस योजना के अंतर्गत सरकार निजी क्षेत्र में नवनियुक्त युवाओं को लगभग 15 हजार रूपये तक एक महीने के ईपीएफ वेतन प्रोत्साहन के रूप में देगी। यह भुगतान छह-छह महीने की दो किस्तों में किया जाएगा। इसके अलावा, नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह तक दिए जाएंगे।
सरकार कम से कम छह महीने के लिए प्रत्येक अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करेगी। विनिर्माण क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन का विस्तार तीसरे और चौथे वर्षो तक भी किया जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत तीन करोड पचास लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने इस दिवाली तक अगली पीढी के जीएसटी सुधार को लागू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य रोज उपयोग की जाने वाली वस्तुओं के करो में कमी करना है। उन्होंने कहा कि यह सुधार आम लोगों, किसानों, मध्यम वर्ग, और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए राहत लेकर आएगा। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने अगली पीढी के सुधारों के संचालन के लिए एक समर्पित सुधार कार्य बल के सृजन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आर्थिक विकास में तेजी लाना, लालफीताशाही को कम करना, शासन को आधुनिक बनाना और भारत को 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
श्री मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवास के लिए जनसांख्यिकी असन्तुलन के खतरों का उल्लेख किया। उन्होंने इस राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौती से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन का शुभारंभ करने तथा भारत के नागरिकों की एकता, अखंडता और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।
श्री मोदी ने कहा कि भारत के बजट का एक बडा हिस्सा अभी भी पेट्रोल, डीजल और गैस आयात में खर्च होता है। उन्होंने सौर, हाइड्रोजन, जल और परमाणु ऊर्जा में महत्वपूर्ण विस्तार के अलावा समुद्री संसाधनों का दोहन करने के लिए राष्ट्रीय गहरे जल अन्वेषण मिशन के शुभारंभ करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी के जरिए परमाणु ऊर्जा का विस्तार करने पर भारत की एकाग्रता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दस नए परमाणु रियेक्टर फिलहाल परिचालन में हैं। श्री मोदी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के 100वें वर्ष तक राष्ट्र का लक्ष्य अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाना, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करना और सतत विकास को समर्थन देना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप लाई जाएगी। यह महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की बढती शक्ति का परिचायक है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डीप-टेक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम में नवाचार का भी जिक्र किया।
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उल्लेखनीय उपलब्धियों के अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन के लिए महत्वकांक्षी योजना की घोषणा की। इससे स्वदेशी अंतरिक्ष क्षमताओं के एक नए युग का संकेत मिलता है। श्री मोदी ने कहा कि अंतरक्षि क्षेत्र में भारत गगनयान की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सैटेलाइट, अन्वेषण और विश्व स्तरीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में तीन सौ से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय रूप से नवाचार को बढावा दे रहे हैं।अंतरिक्ष और अन्वेषण में भारत न सिर्फ भागीदारी कर रहा है बल्कि विश्व स्तर पर नेतृत्व भी कर रहा है। श्री मोदी ने युवा वैज्ञानिकों, प्रतिभाशाली युवाओं, इंजीनियरों, पेशेवरों और सरकार के प्रत्येक विभाग से विमानों के लिए भारत में निर्मित लड़ाकू जेट इंजन बनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने पिछले सौ वर्षो से राष्ट्र की सेवा कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ- आर.एस.एस. के स्वयं सवेकों के समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ स्वयं सेवकों ने देश के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस विश्व का सबसे बडा गैर-सरकारी संगठन है। इस संगठन के समर्पण का सौ वर्षो का इतिहास है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर आमंत्रित विशेष अतिथियों और स्कूल के विद्यार्थियों से भी बातचीत की। यह कार्यक्रम तिरंगा गुब्बारों को उडाने और राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ। लालकिले पर आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने किया। इसके बाद श्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया, भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर पुष्प वर्षा की गई – एक हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज तथा दूसरा ऑपरेशन सिंदूर को दर्शाने वाला ध्वज लेकर उडान भर रहा था।इससे पहले लालकिले पर पहुंचने से पहले श्री मोदी ने राजघाट पर राष्ट्र पिता महात्मा गांधी को श्रद्धाजलि अर्पित की।