प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच राष्ट्र को सशक्त बनाने में देशवासियों को साझेदार बनने का आह्वान किया है। हैदराबाद में एक कल एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र से सात अपील की।
उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और कार पूलिंग के जरिए आयातित ईंधन के उपभोग को कम करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री की अपील ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिरोध जारी रहने के कारण प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से अधिक बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमत पिछले महीने की समाप्ति पर 52 सप्ताह के सबसे उच्चतम स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक वर्ष के लिए विदेश यात्रा टालने जैसे विवेकपूर्ण खर्च पर दोबारा सोचने का आग्रह नागरिकों से किया। उन्होंने एक वर्ष के लिए विदेशों में शादी कार्यक्रम आयोजित करने या अत्यधिक सोने की खरीदारी को सीमित करने पर दोबारा विचार करने जैसे विदेशी खर्च में कटौती के उपाय तलाशने का आग्रह भी नागरिकों से किया। श्री मोदी ने वर्क फ्रॉम होम अभ्यास को फिर से लागू करने का भी आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से खाने के तेल के उपभोग में कमी करने का आग्रह किसानों से भी किया। उन्होंने किसानों से विदेश से आयातित रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता में कमी करने का आग्रह किया। वोकल फॉर लोकल आंदोलन का नारा बुलंद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्मनिर्भरता और जैविक कृषि भारत के लिए आवश्यक है।