राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य वैश्विक महाशक्ति बनना है। उन्होंने कहा कि देश ने आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य देखभाल, अंतरिक्ष, विज्ञान और टैक्नोलॉजी, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य क्षेत्रों में काफी तरक्की की है। राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने, राष्ट्र निर्माण और भारत के भविष्य को आकार देने में शिक्षा की निस्संदेह केंद्रीय भूमिका है। आज कटक के रावेनशॉ विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु ने छात्रों का आह्वान किया कि वे देश पहले, माटी पहले के संकल्प को जीवनभर याद रखें और खुद को ईमानदारी और जिम्मेदारी की मजबूत भावना के साथ समाज की सेवा में समर्पित कर दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद छात्रों को रोजगार ढूंढने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए और नवाचार उद्यम शुरू करना चाहिए। इससे पहले राष्ट्रपति दो दिन के दौरे पर कल अपने गृह राज्य ओडिसा पहुंची। उन्होंने रावेनशॉ गर्ल्स हाई स्कूल की तीन इमारतों के पुनर्विकास कार्य की आधारशिला भी रखी। वे 15वीं शताब्दी की विद्वान और महान उडि़या कवि आदिकबि सरला दास के जयंती समारोह में हिस्सा लेंगी और आज ही 2024 के कलिंग रत्न पुरस्कार प्रदान करेंगी।
Site Admin | जुलाई 15, 2025 2:15 अपराह्न
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा- भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य वैश्विक महाशक्ति बनना है