अपनी तीन दिवसीय देहरादून यात्रा के दूसरे दिन, आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वहां राष्ट्रपति तपोवन और निकेतन का उद्घाटन किया। उन्होंने आगंतुक सुविधा केंद्र और कैफेटेरिया समेत जन सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। साथ ही राष्ट्रपति निकेतन में राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपति निकेतन, तपोवन और राष्ट्रपति उद्यान की जैव विविधता पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
इस पुस्तक में राष्ट्रपति निकेतन, तपोवन और उद्यान की 300 से अधिक वनस्पतियों और 170 से अधिक जीव-जंतुओं की प्रजातियों की सूची दी गई है, जिनमें तितलियां, पक्षी और स्तनधारी जीव शामिल हैं। राष्ट्रपति तपोवन 24 जून से और राष्ट्रपति निकेतन एक जुलाई से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
श्रीमती मुर्मु ने राष्ट्रपति निकेतन में एक भोज का भी आयोजन किया। इससे पहले उन्होंने राजभवन नैनीताल के एक सौ 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देहरादून में डाक टिकट जारी किया और कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। राष्ट्रपति ने एक प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान का भी दौरा किया और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। उन्नत तकनीकों की मदद से दिव्यांगजन भी मुख्यधारा में अपना योगदान दे सकते हैं। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में दिव्यांग बच्चों को अन्य बच्चों की तरह समान शिक्षा के अवसर प्रदान करने के प्रावधान शामिल हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित थे।