प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने आज नई दिल्ली में आकाशवाणी भवन में राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के दो प्रारूप जारी किए। ये आकाशवाणी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले राष्ट्र गीत के 25 प्रारूपों के प्रस्तावित सेट में से पहले दो हैं। वंदे मातरम् की रचना के एक सौ 50वें वर्ष के अंतर्गत ये प्रारूप डिजिटली जारी किए गए थे। श्री द्विवेदी ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का केवल गीत भर नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और अखंडता का सशक्त और शाश्वत उद्घोष है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गीत के ये विविध प्रारूप विभिन्न संगीत शैलियों में प्रस्तुत किए गए हैं। इनका देश के नागरिकों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा और राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता सशक्त होगी।
आकाशवाणी समाचार से विशेष बातचीत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि भारतवासियों ने वंदे मातरम् को केवल गीत के रूप में नहीं बल्कि एक स्लोगन, एक अभिनंदन के रूप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गीत का एक सौ 50वें वर्ष का उत्सव, इसे सुनकर और इसके विभिन्न अंशों को समझकर, राष्ट्र के प्रति स्वयं को पुन: समर्पित करने का अवसर है।
राष्ट्र गीत के इन दोनों प्रारूपों के संयोजक उस्ताद जौहर अली ने आकाशवाणी समाचार से बातचीत में कहा कि पहला प्रारूप कर्नाटक संगीत शैली में और दूसरा हिन्दुस्तानी संगीत शैली में प्रस्तुत किया गया है।