विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया है कि सभी उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं हैं।
आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए श्री लाल ने कहा कि यदि उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुनते हैं, तो इससे न केवल उपभोक्ताओं को बल्कि राज्यों और बिजली कंपनियों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरदस्ती नहीं थोपे जा रहे हैं, क्योंकि यह वैकल्पिक है।
विद्युत मंत्री ने कहा कि जहां भी प्रीपेड सिस्टम लागू किए गए हैं, वहां कंपनियों का घाटा समाप्त हो गया है और वे लाभ में आ गई हैं।
श्री मनोहर लाल ने बताया कि वर्तमान में बिजली वितरण कंपनियों का घाटा लगभग सात लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि उचित बिल वसूली सुनिश्चित करने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर शुरू किए जा रहे हैं।