बिहार में नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद एनडीए ने राज्य में सरकार गठन पर ध्यान केन्द्रित कर दिया है। केन्द्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष संतोष सुमन और अन्य कई नेताओं ने जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कल पटना में मुलाकात की। बैठक के दौरान सरकार गठन के लिए औपचारिक चर्चा हुई। जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ने भी कल शाम नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। खबर है कि बैठक के दौरान नई सरकार बनाने की प्रक्रिया के संबंध में प्रारंभिक बातचीत हुई।
राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक कल होने की संभावना है। इसमें मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश की जाएगी।
दूसरी तरफ, जनता दल यूनाइटेड ने अपने नव-निर्वाचित सभी 85 विधायकों को पटना बुलाया है। कल जनता दल यूनाइटेड विधानमंडल दल की बैठक होगी, जिसमें श्री नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुना जाएगा। एनडीए के सभी पांच घटक दल भी अलग-अलग बैठकें करेंगे और विधानसभा में अपने-अपने नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद सभी घटक दलों की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें एनडीए का नेता चुना जाएगा।
उधर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक दल की कल बैठक हुई, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी को विधानसभा में पार्टी का नेता चुना गया। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों की आज बैठक होने की संभावना है।
इस बीच, विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की करारी हार के बाद पार्टी में आंतरिक मतभेद गहरे हो गए हैं। पार्टी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए घोषणा की कि वे राष्ट्रीय जनता दल छोड़ रही हैं और लालू परिवार से सभी संबंध तोड़ रही है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी की करारी हार हुई है और कार्यकर्ता प्रश्न पूछ रहे हैं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। श्रीमती रोहिणी ने कहा कि उन्होंने जब यह प्रश्न उठाया तो उन्हें तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव और रमीज खान ने धमकी दी। रोहिणी आचार्य ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।