मई 14, 2026 9:44 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- इस वर्ष भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स का लक्ष्य है बहुपक्षीय और समावेशी विश्व व्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस वर्ष भारत की अध्‍यक्षता में ब्रिक्‍स देश बहुपक्षवाद को सशक्‍त बनाने, सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलापन बढ़ाने और अधिक समावेशी वैश्विक व्‍यवस्‍था निर्मित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। आज नई दिल्ली में श्री मोदी से मुलाकात करने आए ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों के साथ बातचीत में श्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने और ग्‍लोबल साउथ के देशों की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।

यह बैठक दिल्‍ली में जारी ब्रिक्‍स विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग हुई।

इससे पहले ब्रिक्‍स विदेश मंत्रियों की बैठक के अपने शुरुआती संबोधन में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्ष ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और भी बढ़ा दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस जटिल और अनिश्चित दुनिया की चर्चाओं में सतत विकास आगे बढ़ना चाहिए। वहीं, समानता और साझा लेकिन विभिन्‍न जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और इसका लाभ सुशासन और समावेशी विकास के लिए उठाया जा सकता है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने में भी साझा गहरी रुचि है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चल रहे संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु संबंधी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को आकार दे रही हैं और यह उम्मीद बढ़ रही है कि ब्रिक्स इसमें रचनात्मक और निर्णायक भूमिका निभाएगा।

    डॉ. जयशंकर ने ब्रिक्स ढांचे के भीतर सहयोग को मजबूत करने के लिए उपस्थित देशों की उपस्थिति और निरंतर प्रतिबद्धता के प्रति आभार प्रकट किया। डॉ. जयशंकर ने कहा कि कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

    बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य उपस्थित हैं। बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

    इस बैठक का विषय है लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिक्स के लिए मानवता को प्राथमिकता देने और जन-केंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है। कल दूसरे दिन, ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देश ब्रिक्स@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण विषय पर एक सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधारों पर एक सत्र होगा।

    ब्रिक्‍स@20 विषय पर आयोजित सत्र में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस बात का उल्‍लेख किया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप ब्रिक्‍स ने अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है। साथ ही ब्रिक्‍स ने जनकेंद्रित विकास और व्यावहारिक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित रखा है। विदेश मंत्री ने कहा कि ब्रिक्‍स की ताकत इसकी स्वतंत्रता और विविधता में निहित है, जिसे परिवर्तन और सुधार की चाहत रखने वाला, बहुध्रुवीयता का प्रतीक, जोखिम कम करने और विविधीकरण के विकल्प प्रदान करने वाला और पारस्परिक सम्मान और संप्रभु समानता को महत्व देने वाला माना जाता है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि न्यू डेवलपमेंट बैंक और आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था जैसी संस्थाएं विश्वसनीय विकल्प तैयार करने की ब्रिक्‍स की क्षमता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्‍स सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम कनेक्ट पोर्टल, व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली और कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी सहयोग को और गहरा करने में सहायक हैं। डॉ. जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय समझ, एकजुटता, खुलेपन, समावेशिता, पूर्ण परामर्श और आम सहमति के सिद्धांतों के अनुरूप ब्रिक्‍स को मजबूत करेंगे।

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