मार्च 23, 2026 11:14 पूर्वाह्न

printer

पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर सीसीएस बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की। श्री मोदी ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।

उन्‍होंने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सचिवों के एक समूह के गठन का निर्देश दिया जो समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ समर्पित रूप से काम करेगा। उन्होंने क्षेत्रीय समूहों को सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके काम करने का भी निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

बैठक के दौरान कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, सूक्ष्‍म-लघु और मध्‍यम उद्यम, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा हुई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। 

बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई तथा भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।