प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के साथ गहरे संबंध बनाते हुये प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देकर भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने का आह्वान किया है। श्री मोदी ने विदेश मंत्रालय के 11वें मिशन प्रमुख सम्मेलन में अपने विचार और सुझाव साझा किए तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की कूटनीतिक गतिविधियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय था- 2047 के लिए भारतीय कूटनीति में सुधार। यह सम्मेलन 28 से 30 अप्रैल तक आयोजित किया गया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री को भविष्य के लिए तैयार कूटनीति, व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत की गाथा को व्यापक बनाने पर प्रस्तुतियां भी दी गईं। श्री मोदी ने मिशन प्रमुखों से भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने के संबंध में अंतर्दृष्टि और वरिष्ठ तथा युवा राजनयिकों के दृष्टिकोण भी सुने।
इस अवसर पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि अस्थिर और अशांत विश्व में भारतीय कूटनीति राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने और राष्ट्रीय लक्ष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्पर है।
तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान, मिशन प्रमुखों ने योग सत्र, विचार-मंथन सत्र, टेबलटॉप अभ्यास और विभिन्न भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, उभरती प्रौद्योगिकियों, भारत की गाथा और भविष्य के लिए तैयार कूटनीति पर विषयगत चर्चाओं में भाग लिया।