वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि आम सहमति से निर्णय लेने की प्रक्रिया को पुन: मज़बूत करने के लिए विश्वास को फिर से बनाना ज़रूरी है। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता और यह विश्व व्यापार संगठन की नींव है। श्री गोयल ने यह बात कैमरून में विश्व व्यापार संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में एक मंत्री स्तर के सत्र को संबोधित करते हुए कही।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, श्री गोयल ने कहा कि एक एकीकृत बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली तभी फल-फूल सकती है जब उसका संस्थागत ढांचा एकजुट, मज़बूत और उसके सदस्यों की साझा आकांक्षाओं के अनुरूप हो। उन्होंने मौजूदा गतिरोध की व्यापक और रचनात्मक समीक्षा करने के महत्व पर भी बल दिया, जिसमें इसके मूल कारणों को समझने पर ध्यान केंद्रित किया जाए, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चर्चाएं पारदर्शी, समावेशी और सदस्यों द्वारा संचालित हों।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने डब्ल्यू.टी.ओ. मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान, अमरीका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ भी सार्थक चर्चा की। दोनों नेताओं ने सम्मेलन के एजेंडे पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ताओं में भावी कदमों पर चर्चा की, और आर्थिक सहयोग तथा द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और प्रगाढ़ करने के तौर-तरीकों पर विचार किया।
इसके अलावा, श्री गोयल ने दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री येओ हान-कू से भी बातचीत की और डब्ल्यू.टी.ओ. सुधारों पर चल रही चर्चाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और मज़बूत करने के तरीकों पर भी विचार किया, जिसमें भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को उन्नत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
श्री गोयल ने न्यूज़ीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ, हाल ही में संपन्न हुए भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में चल रहे कार्य की समीक्षा की। उन्होंने आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करते हुए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने सम्मेलन के एजेंडे की प्रगति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
वाणिज्य मंत्री ने सम्मेलन के एजेंडे के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की और स्विट्ज़रलैंड की राज्य मंत्री हेलेन बुडलिंगर आर्टिएडा के साथ, ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ- ई.एफ.टी.ए., व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के कार्यान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने साझा विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए द्वि-पक्षीय निवेश को और मज़बूत करने तथा आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।