संसद ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक पारित किया

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 लोकसभा की मंजूरी मिलने के बाद संसद में पारित हो गया है। राज्यसभा विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों- सीएपीएफ में महानिरीक्षक के 50 प्रतिशत पदों को प्रतिनियुक्ति द्वारा भरने का प्रावधान है। अपर महानिदेशक के न्यूनतम 67 प्रतिशत पदों को प्रतिनियुक्ति द्वारा भरा जाएगा। विशेष महानिदेशक और महानिदेशक के सभी पद केवल प्रतिनियुक्ति द्वारा ही भरे जाएंगे।

 

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में ग्रुप ए जनरल ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती तथा सेवा शर्तों से संबंधित सामान्य नियमों को विनियमित करना है।

 

उन्होंने कहा कि विधेयक का उद्देश्य देश के आंतरिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना और सीएपीएफ अधिकारियों की सेवा शर्तों में अधिक स्पष्टता और एकरूपता लाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधेयक में मौजूदा व्यवस्था की विसंगतियों को दूर किया गया है और वित्तीय लाभों की निरंतरता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि विधेयक में ग्रुप ‘ए’ जनरल ड्यूटी अधिकारियों की भर्ती, पदोन्नति, वरिष्ठता और अन्य सेवा शर्तों को नियंत्रित करने के लिए एक स्पष्ट व्यापक ढांचा प्रस्तुत किया गया है।

गृह राज्य मंत्री ने विपक्षी सदस्यों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि विधेयक भारत के संघीय ढांचे को कमजोर करता है या संविधान की भावना का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत यह विधेयक सीएपीएफ, राज्य पुलिस और देश भर के राज्य प्रशासनों के बीच समन्वय में सुधार करके सहकारी संघवाद को मजबूत करता है।

चर्चा की शुरुआत करते हुए, कांग्रेस के हरीशचंद्र मीणा ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने कहा किदेश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास सशक्त कानून व्यवस्था तथा समाज में शांति बनाए रखने पर निर्भर करता है। श्री सिंह ने कहा कि सेवा शर्तों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में स्पष्टता से संगठनात्मक दक्षता और निर्णय क्षमता बढ़ती है तथा देश का सुरक्षा ढांचा सुदृढ़ होता है।
समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार केंद्रीय सशक्त पुलिस बलों के प्रतिनिधिमंडल से परामर्श किये बिना यह विधेयक लाई है।

विधेयक पारित होने के बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को सूचित किया कि लोकसभा कुछ महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा करने के लिए इस महीने की 16 तारीख को बैठक करेगी।

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