सिंध नेता शफी बुरफत ने पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था पर धार्मिक चरमपंथ और आतंकवाद को लंबे समय से समर्थन देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीतिक, आर्थिक, वैचारिक और सामाजिक संस्थाओं पर सेना का प्रभुत्व लोकतंत्र, क्षेत्रीय शांति और दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक स्थिरता के लिए खतरा है।
सोशल मीडिया पर एक बयान में श्री बुरफत ने कहा कि चुनी हुई सरकारों को बार-बार उखाड़ फेंकने, राजनीतिक नेताओं को फांसी देने और निर्वासित करने में सेना ही राज्य के पीछे असली ताकत बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना राजनीति, मीडिया, न्यायपालिका और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को नियंत्रित करती है।
पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की आलोचना करते हुए श्री बुरफत ने कहा कि मुनीर के भावनात्मक राष्ट्रवादी नारे, परमाणु धमकियां और पड़ोसी देशों के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी रणनीतिक आत्मविश्वास या जिम्मेदार सैन्य नेतृत्व को नहीं दर्शाती है।