प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में से एक बनाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तीनों सशस्त्र बलों के लिए हथियारों और उपकरणों के निर्यात की क्षमता का निर्माण कर रहा है। प्रधानमंत्री ने गोवा और कारवार तट पर आईएनएस विक्रांत पर सवार भारतीय नौसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाते हुए उन्हें संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइलों ने अपनी क्षमता साबित की है और दुनिया भर के कई देश अब इन मिसाइलों को खरीदने की इच्छा जता रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 30 गुना से अधिक बढ़ गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय रक्षा स्टार्टअप्स और स्वदेशी रक्षा इकाइयों के योगदान को दिया।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि जिस दिन देश में निर्मित आईएनएस विक्रांत प्राप्त हुआ, उसी दिन भारतीय नौसेना ने औपनिवेशिक विरासत के एक प्रमुख प्रतीक को त्याग दिया था। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित होकर नौसेना ने एक नया झंडा अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईएनएस विक्रांत आज आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है।