रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि देशभर में रेलवे की केवल शून्य दशमलव दो-एक प्रतिशत भूमि पर ही अवैध अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि कई शहरी क्षेत्रों में यह मुद्दा गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है और मानवीय दृष्टिकोण से इसका समाधान निकाला जा रहा है।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे की अधिकांश भूमि पहले से ही परिचालन या सुरक्षा उपयोग में है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की लगभग 80 प्रतिशत भूमि पर रेल पटरियां बिछी हैं, जबकि लगभग 5 प्रतिशत भूमि पटरियों से सटी हुई है जिसे सुरक्षा मार्जिन के रूप में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि शेष 15 प्रतिशत भूमि स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों और अन्य रेलवे संबंधी सुविधाओं के लिए उपयोग की जाती है।
श्री वैष्णव ने रेलवे भूमि पर अतिक्रमण को एक गंभीर समस्या बताया।
उन्होंने कहा कि जहां भी संभव हो, रेलवे ने राज्य सरकारों के समन्वय से व्यावहारिक समाधान खोजने का प्रयास किया है, जिसमें रेलवे संपत्ति और सुरक्षा की रक्षा की आवश्यकता और मानवीय पहलुओं के बीच संतुलन बनाए रखा गया है।