भारतीय रेलवे की ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना स्थानीय शिल्प कौशल को बढ़ावा देने तथा सतत आजीविका सृजित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में उभरी है। रेल मंत्रालय ने कहा है कि इस योजना का दो हजार से अधिक रेलवे स्टेशनों तक विस्तार किया गया है जिससे एक लाख 32 हजार से अधिक शिल्पकारों, बुनकरों और छोटे उत्पादकों, को लाभ पहुंच रहा है। उन्हें प्रतिदिन लाखों रेल यात्रियों तक सीधी पहुंच मिल रही है।
रेलवे मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्य को संस्कृति के साथ जोड़कर रेलवे ने स्टेशनों को स्थानीय उद्यम के केन्द्र के रूप में परिवर्तित किया है। एक स्टेशन एक उत्पाद पहल, समुदायों के सशक्तीकरण तथा भारत के समृद्ध पारम्परिक शिल्प कौशल के संरक्षण के जरिये वोकल फॉर लोकल की भावना को दर्शाती है।