मार्च 27, 2026 1:00 अपराह्न

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पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल महंगा, जनता पर बोझ नहीं डालेगी सरकार: केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जल-डमरू-मध्य में जारी रूकावट के बीच दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए सरकार ने उपभोक्ताओं पर बोझ डालने के बजाय खुद, इसका असर झेलने का विकल्प चुना है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री पुरी ने कहा कि सरकार ने अपने कर राजस्व में भारी कटौती की है, जिससे तेल कंपनियों के भारी नुकसान, पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर, को कम किया जा सके।

    सोशल मीडिया पोस्ट में श्री पुरी ने कहा कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। इससे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 30 से 50 प्रतिशत, उत्तरी अमरीका में लगभग 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस परिस्थिति से निपटने के दो विकल्प थे- या तो अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाए या स्वंय इसका खर्च वहन करे।

    श्री पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत से लेकर पिछले चार वर्ष में अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए, नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर अपने वित्त का बोझ उठाने का निर्णय लिया है।

    उन्होंने कहा कि दूसरे देशों को तेल निर्यात करने वाली रिफाइनरियों को भी निर्यात कर का भुगतान करना होगा। श्री पुरी ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का आभार व्यक्त किया।

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