सर्वोच्च न्यायालय में आज नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने शबरीमला मंदिर सहित, धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ कथित भेदभाव और विभिन्न धर्मों में धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना, एम. एम. सुंदरेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी वराले, आर महादेवन और जॉयमाल्य बागची शामिल हैं। सुनवाई से पहले, केंद्र ने लिखित दलीलें प्रस्तुत करते हुए न्यायालय से आग्रह किया कि वह मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के शबरीमला मंदिर में प्रवेश पर प्रतिबंध को जारी रखे।