उपभोक्ता मामलों के विभाग में सचिव निधि खरे ने कहा है कि चना, अरहर और उड़द दाल के दाम प्रमुख मंडियों में पिछले एक महीने के दौरान चार प्रतिशत तक घटे हैं। हालांकि खुदरा कीमतों में ऐसी कमी नहीं देखी गई है। उन्होंने कहा कि मंडियों में थोक कीमतों और खुदरा कीमतों में विपरीत रूख देखा गया है। सचिव ने कहा कि ऐसा लगता है कि खुदरा कारोबारी बडा मुनाफा ले रहे हैं।
श्रीमती खरे ने आज भारतीय खुदरा कारोबारी संगठन के साथ एक बैठक में दालों की कीमतों और अरहर तथा चना की भंडारण सीमा पर विचार-विमर्श किया। मौजूदा कीमतों और खरीफ फसल को देखते हुए सचिव ने कारोबारियों से उपभोक्ता के लिए दाल की कीमतें किफायती रखने के सरकार के प्रयासों में हरसंभव सहयोग देने को कहा। उन्होंने कहा कि भंडारण सीमा पर बारीकी से निगाह रखी जा रही है।
श्रीमती खरे ने कहा कि खरीफ के मौसम में दालों की बुवाई तेजी से चल रही है और सरकार अरहर तथा उड़द की पैदावार बढ़ाने के लिए कई प्रयास कर रही है।