विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विज्ञान, समाज और उद्योग के बीच वैज्ञानिक नवाचार, प्रौद्योगिकी, प्रगति और तालमेल के प्रति भारत की सुदृढ़ वचनबद्धता को दर्शाता है। अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित एक लेख को साझा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि यह दिवस 1998 के सफल पोखरण परमाणु परीक्षण के जरिए देश की ऐतिहासिक प्रौद्योगिकी उपलब्धि की स्मृति में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश उभरते क्षेत्रों में तीव्र नवाचार, बढ़ती डिजिटल अवसंरचना और महत्वपूर्ण प्रगति पर आधारित अभूतपूर्व विकास का साक्षी बना है। डॉ. सिंह ने बताया कि आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक नवाचारों को वास्तविक दुनिया पर प्रभाव डालने के दृष्टिकोण पर अधिक बल दिया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश वर्ष 2047 की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में आर्थिक विकास, कार्यनीतिक स्वायत्तता, सामाजिक परिवर्तन और सतत भविष्य को उत्प्रेरित करने में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।