स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के जरिए दिल्ली में सुरक्षा संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य जिला स्तर पर एड्स की समस्या से निपटने पर मजबूती लाना है।
संगठन के महानिदेशक डॉ.राकेश गुप्ता ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि एड्स जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है और इसके लिए निरंतर सतर्कता, नवाचार और शासन के सभी स्तरों पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और स्तनपान के दौरान मां से बच्चे को एचआईवी संक्रमण के खतरे को समाप्त करने के महत्व पर जोर दिया। डॉ.गुप्ता ने 2027 में विश्व एड्स दिवस पर एड्स को नियंत्रित घोषित करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।