नागालैंड, देशव्यापी अभियान ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता’ के दूसरे संस्करण में शामिल होगा। इसे मार्च 2026 से पूरे देश में शुरू किया जाएगा। नागालैंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण राज्य में 90 दिनों के इस मध्यस्थता अभियान का नेतृत्व करेगा। इस पहल का उद्देश्य नागालैंड के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में लंबित मामलों को मध्यस्थता से निपटाना है।अभियान के दौरान, विभिन्न श्रेणियों के मामलों पर विचार किया जाएगा।
इनमें वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभाजन मुकदमे, बेदखली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले और अन्य उपयुक्त दीवानी विवाद शामिल हैं। पिछले वर्ष के पिछले संस्करण में 397 मामलों में से 90 विवादों को सफलतापूर्वक सुलझाया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के सहयोग से राष्ट्रव्यापी विशेष मध्यस्थता अभियान, राष्ट्र के लिए मध्यस्थता की परिकल्पना की है। यह पहल भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के मार्गदर्शन में चल रही है।