केंद्र ने आज कहा कि नाबार्ड, जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए मौद्रिक सहायता दे रहा है और पिछले 18 वर्षों में 1029 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य आदिवासी परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि यह योजना 2005-06 में शुरू की गई थी और तब से 6 लाख 29 हजार परिवार इससे लाभान्वित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे भारत में जनजातीय विकास कार्यक्रम के माध्यम से संचयी रूप से लगभग दो करोड़ 90 लाख पेड़ लगाए गए हैं।