अगस्त 7, 2025 3:56 अपराह्न

printer

मानसून सत्र : विपक्ष के हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही की गई स्थगित

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही आज चौथे दिन भी बिहार में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण बाधित रही। विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

 

लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जब शुरू हुई तो विपक्षी दल नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए और एसआईआर मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर मुद्दा चुनाव आयोग के विचाराधीन है और प्रक्रिया चल रही है।

 

उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है और इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने प्रदर्शनकारी सांसदों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। शोरगुल के बीच सदन ने मणिपुर वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 और मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025 पारित कर दिया। शोरगुल के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

 

लोकसभा की कार्यवाही इससे पहले, जब दोपहर 12 बजे पहली बार स्थगन के बाद शुरू हुई तो केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मणिपुर वस्तु और सेवा कर संशोधन विधेयक, 2025 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य मणिपुर वस्तु और सेवा कर अधिनियम, 2017 में और संशोधन करना है। उन्होंने इस अध्यादेश को तत्काल कानून बनाने के कारणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्षी सांसदों से सदन को चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों का आचरण उचित नहीं है। हंगामा जारी रहने पर पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

लोकसभा इससे पहले जब सुबह 11 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य संसदीय मानदंडों और लोकतंत्र की परंपराओं का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बार-बार प्रदर्शनकारी सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शोरगुल के बीच ही आवासन और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने स्मार्ट सिटी मिशन की स्थिति से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दिया। हंगामें के कारण अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

राज्यसभा में भी पहले स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी दलों ने एसआईआर मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी। शोरगुल के बीच सदन ने तटीय नौवहन विधेयक 2025 पारित कर दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष सहयोग के लिए तैयार है लेकिन सदन में एसआईआर मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दी जानी चाहिए। पीठासीन अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारी सांसद सदन की मर्यादा नहीं बनाए रख रहे हैं। शोरगुल के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

 

इससे पहले, जब राज्‍यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर दिए गए स्थगन नोटिस को खारिज कर दिया, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए नोटिस खारिज कर दिए गए। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन को चलने देने की अपील की। श्री हरिवंश ने कहा कि राज्यसभा में लगातार हंगामे के कारण 51 घंटे से अधिक का समय बर्बाद हुआ है। उन्होंने कहा कि शून्यकाल और प्रश्नकाल सदस्यों के लिए हैं और विपक्षी सांसदों को सदन को चलने देना चाहिए। हंगामा जारी रहने पर उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला