मिशन कर्मयोगी ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में एक विशेष स्टॉल लगाया है। इसमें एआई-आधारित शिक्षण और सुशासन समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने बताया कि यह स्टॉल क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत ने संयुक्त रूप से स्थापित किया है। इसका उद्देश्य आई-गॉट कर्मयोगी में एकीकृत एआई-सक्षम शिक्षण उपकरणों की एक नई पीढ़ी को पेश करना है।
मंत्रालय ने बताया कि ये उपकरण सीखने की भूमिका-आधारित, व्यक्तिगत, बहुभाषी और दैनिक शासन कार्यों में एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। स्टॉल में प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध एआई पाठ्यक्रमों की बढ़ती सूची को भी दिखाया गया है। इसका उद्देश्य एआई साक्षरता और अनुप्रयुक्त एआई क्षमता का निर्माण करना है।
मिशन कर्मयोगी विश्व का सबसे बड़ा सिविल सेवा क्षमता निर्माण सुधार है, जिसका उद्देश्य शासन को नियम-आधारित से भूमिका-आधारित प्रणालियों में बदलना है। शिखर सम्मेलन में मिशन कर्मयोगी का स्टॉल सार्वजनिक सेवा क्षमता को मजबूत करने और शासन परिणामों में सुधार के लिए जिम्मेदार एआई का लाभ उठाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।