सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज देश में टेलीविज़न दर्शकों की रेटिंग में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए टीवी रेटिंग नीति (टीआरपी) 2026 को अधिसूचित किया। मंत्रालय ने कहा कि यह नीति टीवी रेटिंग सेवाएँ प्रदान करने वाली एजेंसियों के पंजीकरण, संचालन, ऑडिट और निगरानी के लिए स्पष्ट मानक निर्धारित करती है।
यह नीति दर्शक संख्या में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाई गई है। अब टीवी रेटिंग एजेंसी के रूप में पंजीकरण कराने की इच्छुक कंपनी के लिए शुद्ध संपत्ति को वर्तमान बीस करोड़ रुपये से घटाकर पाँच करोड़ रुपये कर दिया गया है। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निदेशक मंडल में कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य स्वतंत्र निदेशक होने चाहिए जिनका प्रसारकों/विज्ञापनदाताओं/विज्ञापन एजेंसियों से कोई संबंध न हो। नियमों का पालन न करने पर दंड लगाया जाएगा। इसमें रेटिंग के अस्थायी निलंबन और बार-बार उल्लंघन करने पर पंजीकरण रद्द करना शामिल है।