वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में जन विश्वास-प्रावधान संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया। यह विधेयक कुछ अधिनियमों में संशोधन करके अपराधों को निर्दिष्ट श्रेणी से निकालने और तर्कसंगत बनाने का प्रयास करता है। इसे जीवन और व्यापार में सुगमता लाने के लिए विश्वास आधारित शासन को और मजबूत करने से उद्देश्य से लाया गया है।
श्री प्रसाद ने कहा कि इस विधेयक के अंतर्गत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और जुर्माने तथा दंड को अपराध के अनुपात में संशोधित करने जैसे उपाय किए जाएंगे। इसमें 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। श्री प्रसाद ने कहा कि कुल 784 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव है। इनमें से 717 प्रावधानों को व्यापार में सुगमता लाने के लिए अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है और 67 प्रावधानों को जीवन में सुगमता लाने के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है।